दुनियां तो चारागर किसीकी नहीं, मुझको परवाह पर किसीकी नहीं, कितना अच्छा है तीरगी से रसूख, ये चमक उम्र भर ...किसीकी नहीं... उर्मिला माधव, 18.12.2016
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