Friday, 21 February 2020

दिखते हैं

लोग जो हुस्न-ओ-इश्क़ लिखते हैं,
मुझको.......दीवाने जैसे दिखते हैं,
सिर्फ़..........शाखें बदलते रहते हैं,
पाँव उनके.........कहीं न टिकते हैं.
उर्मिला माधव...
22.2.2014...

No comments:

Post a Comment