ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 21 February 2020
रात ही में रात है
दर हकीक़त वक़्त भी पाबंदियों के साथ है,
दिन हुआ दिन में हमेशा,रात में ही रात है,
उर्मिला माधव...
22.2.2014...
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment