ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 18 February 2020
आकर मियां
हैलो-हैलो क्यों करो.....आकर मियाँ,
है कोई रिश्ता नहीं जब......दरमियाँ,
बे-वज्ह ही चल दिए......गुफ्तार को,
जाओ तुम अपना संभालो घर मियाँ
उर्मिला माधव...
19.2.2014.
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