ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 5 February 2020
कह दिया
हमको दीवाना समझ कर जाने क्या-क्या कह दिया,
हम तो अपने आप में थे,बेज़ुबाँ ऑ बेख़बर
उर्मिला माधव,
5.2.2018
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