चलते रहते हैं ज़िन्दा दिल,चाहे जितनी हो मुश्किल, कितनी दूरी तय करनी है,ज़ाहिर तो हो मुस्तक़बिल, उर्मिला माधव... मुस्तक़बिल--- भविष्य
No comments:
Post a Comment