एक तो गहरी .........शनासाई न थी, जो भी थी वो हमने दिखलाई न थी, हमने अपने दायरे ........कायम रखे, हां मगर .......मंशा ये बतलाई न थी... उर्मिला माधव 21.10.2017
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