ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 25 October 2018
आदमी की ज़ात
जो गुलामों की तलब रखता हो, वो,
क्या करेगा ....आदमी की ज़ात का...????
उर्मिला माधव..
26.10.2016
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