Monday, 29 October 2018

बेख़ुदी के दायरे

बेखुदी के दायरों से कुछ निकल कर बात कर,
ज़ख्म बातों का नहीं भरता,संभल कर बात कर....
उर्मिला माधव...
9.11.2016

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