ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 16 October 2018
क्या ज़रूरत थी
इन फ़रेबों की .........क्या ज़रूरत थी,
जो भी करना था यूँ ही कर लिया होता
उर्मिला माधव
16.10.2015
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