ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 13 December 2025
ये जो दूर तक
ये जो दूर तक वीराना नज़र आता है,
न तो अपना न वेगाना नज़र आता है,
इसमें इतिहास छुपे हैं कई जन्मों के,
गौर से देखो तो अफ़साना नज़र आता है..
उर्मिला माधव..
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment