Tuesday, 16 December 2025

अपने देखा ही कब है

आपने देखा ही कब है दिल मिरा दुखता हुआ
कुछ तो है जो हर घड़ी दिल को लगे चुभता हुआ,

क्या सलीक़ा लाएं जो कुछ कह सकें अरदास में
हर नफ़स लगता है जैसे दम कहीं रुकता हुआ
उर्मिला माधव

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