Tuesday, 31 December 2019

सालाना

क्या नया साल है पथ्थर में बाल आ जाना,
उससे होती है मुलाक़ात,....मगर सालाना,
उर्मिला माधव...
1.1.2015...

सर्द मौसम है

नया साल मुबारक ...
सर्द शोले हैं,....सर्द मौसम है,
ज़िन्दगी चाहती बहुत कम है,
बस ये दुनियां हरी-भरी करदे,
कुल ज़माने का तू मोहतरम है...
उर्मिला माधव ...
1.1.2016

स्थितप्रज्ञ

एक है ये मन ....सो स्थितप्रज्ञ है,
कर्म समिधा हैं ऑ जीवन यज्ञ है,
सब ही है अनुसार जीवन चक्र के,
सर्वथा अनुभूति भी .....सर्वग्य है..
उर्मिला माधव,
1.1.2018

उड़ गए

एक क़'ता 
इश्क़  के जुमले सुने और आसमां में उड़ गए,
जिस जगह जाना नहीं था,वो ही रस्ता मुड़ गए...
दस्तरस से दिल गया, अच्छा बुरा सोचा नहीं,
अपनी दुनियाँ भूल कर जाने कहाँ पर जुड़ गए.
उर्मिला माधव...

पैरों पे चल के ही

पैरों पे चल कर ही दुनियां देखी है,
इक-इक ईंट गिनी है हमने राहों की,

चलते चलते मंज़िल भी आ जाती है,
चाहत फ़िर क्यूं होगी हमें पनाहों की,
उर्मिला माधव

Monday, 30 December 2019

जगाई आपने

मेरे दिल में आज ये नफ़रत जगाई .....आपने,
इस क़दर बेजा हर इक हरक़त दिखाई आपने,
मेरी हिम्मत तौलने को ...हर नफ़स तैयार सब,
इसलिए हर चंद हर ज़हमत उठाई ......आपने...
उर्मिला माधव...

Friday, 27 December 2019

किरदार

Guftaar bhi hum hi hain,kirdaar bhi hum hi hain,
ab kaun tai karega , ki kismen kya kami hai.......  Urmila Madhav....

ताबानी

ना क़ायल है सितारों की मेरे चेहरे की ताबानी,
ग़म-ए-दौराँ में भी देखो तबस्सुम मेरा लासानी,
तलातुम चाहे जैसा हो,करेगा क्या उसे फानी..?
कि जिसने डूब कर देखा हो ये दरिया-ए-तूफ़ानी.....उर्मिला माधव.  <3 <3

याद कर

अगला पिछला हर रवैय्या याद कर,
बाद उसके कोई भी....फ़रियाद कर,
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aglaa pichhla her ravaiyaa yaad kar,
baad uske.......koii bhii fariyaad kar...
उर्मिला माधव...
२८.१२.२०१३...

मीलों के फ़ासले

मीलों के फासले हैं मगर ग़म नहीं मुझे,
मुझको तेरे बगैर भी जीना तो आ गया...
उर्मिला माधव....
28.12.2014...

तबीयत ही हट गई

इक वक़्त था के हमको ज़माना अज़ीज़ था,
अब हर किसी से अपनी तबीयत ही हट गई...
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Ik waqt thA ki hamko zamanA aziz thA,
Ab her kisise apni tabeeyat hii hut gaii..
उर्मिला माधव

बदहवास को

जो काफ़िये ऑ बह्र को रोते हैं रात दिन,
वो जानते कहाँ हैं किसी बदहवास को..
उर्मिला माधव

Thursday, 26 December 2019

मां का ख़त

अब आपको ज़मीन पर ....जन्नत दिखाएँगे,
हम अपनी माँ के हाथ का एक ख़त दिखाएंगे...
उर्मिला माधव....
27.12.2014..।

चाहती है

Mujh pe bas qabiz hua hi chahti hai,
ek shai ab silsila hii chahti hai,

main khari utrun abas ummid par,
wo mera hardam bura hi chahti hai,

main kade fikron se guzrun,raat din,
apne haq main bas duaa hii chahti hai,

main guzarti hun,hazaaron tanz se,
zakhhm dil ka wo chhua hi chahti hai,

maine bhi baazi rakhi us ziist par,
khelna jo bas juaa hii chahti hai...
#उर्मिलामाधव...
27.12.2015

बहुत हैं दोस्त

उम्र के फ़ासले बहुत हैं दोस्त,
पाँव में आबले बहुत हैं दोस्त,
ज़ब्त करना हमारी आदत है,
ग़ैर को थाम ले बहुत हैं दोस्त...
उर्मिला माधव

Wednesday, 25 December 2019

हमारी नगरिया

आ हमारी नगरिया तू देख बबुआ,
के पुलिस है जबरिया तू देख बबुआ,
ये ख़बर है, मदारी हैं, कुर्सी प सब ?
आहा जनता बंदरिया तू देख बबुआ,
उर्मिला माधव

ले
Ye hai Dilli nagariya too dekh babua,
yahan police hai jabariya too dekh babua,
baithe kursee pe madaari khabar kya tujhe?
yahan janta hai bandariya too dekh babuaa.. Urmila Madhav...

दुआ सलाम

दुआ सलाम, ग़ुलामी के रंग में हो अगर,
ये वो सज़ा है के मुझसे क़ुबूल होती नहीं....
उर्मिला माधव...
26.12.2016..

कार ए ज़िन्दगी

उम्र भर तन्हा उठाया है ये बार-ए-ज़िन्दगी,
इसके आगे भी तो ज़ाया है ये कार-ए-ज़िन्दगी

क़द हमारा

दरमियाना क़द हमारा, हम कहाँ होते खड़े,
दह्र में कब था ठिकाना, हम जहां होते बड़े,

कर देते

तेरे रुख़ पर निगाह कर देते,
हम भी हर चंद आह कर देते,
चूंकि खुशियां ऑ ग़म बराबर हैं
वरना हम वाह-वाह कर देते
उर्मिला माधव

Tuesday, 24 December 2019

जानते थे हम

किसीकी ख़ैर ख़्वाही से मुतासिर हम नहीं होते,
बताओ आज से पहले तुम्हें कब जानते थे हम ?
उर्मिला माधव

Kisiki khair khwahii se mutasir ham nahin hote,
Batao aaj se pahle, tumhen kab jaante the ham??
Urmila Madhav

Monday, 23 December 2019

चुप हो गए

दिल कभी ज़्यादः दुखा बस रो लिए, चुप होगये,
ग़म सुलग कर बुझ गये और हम धुंए में खो गए ...
उर्मिला माधव...
24.12.2014...

Sunday, 22 December 2019

परमात्मा के नाती हैं

एक मतला,एक शेर----

खाली कहिबे कूँ बस संगाती हैं,
एक दूजे ते लोग आंती हैं,

कौन ते बोलिबे कूँ जाऔगे,
सब तौ, परमात्मा के नाती हैं,
#उर्मिलामाधव,
23.12.2015

हमने

वो अपने ग़म को इशारों में कर रहे थे बयां,
मगर तमाम उम्र ही बुत बन के काट दी हमने..
उर्मिला माधव,
23.12.2017

Saturday, 21 December 2019

कद्रदानी

बे-इन्तेहा हुई है..........अपनी भी क़द्रदानी,
जितनी भी की है आपने काफ़ी है मेहरबानी,
कितना जियेंगे आखिर,..मरना तो है हमें भी ,
शिरक़त को आइयेग़ा....जब हो क़ुरानखानी...
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be-intehaa huyi hai apni bhi qadardaanii,
jitni bhii kii hai aapne kaafi hai meharbaanii,
kitnaa jiyenge aakhir marnaa to hai hamen bhi,
shirqat ko aaiyegaa jab ho quraankhaanii...
उर्मिला माधव...
२२.१२.२०१३...

Wednesday, 18 December 2019

बदल जाते हैं

हम तो जैसे भी हैं हर वक़्त वही रहते हैं,
फ़र्क़ इतना है महज़ लोग बदल जाते हैं,
उर्मिला माधव
मुसलसल राह था,मंज़िल नहीं था
वो मेरी ज़ीस्त का हासिल नहीं था

उसे जब टूट कर चाहा तो जाना,
वो मेरे इश्क़ के क़ाबिल नहीं था,

वो जिस पर क़त्ल का इल्जाम अब है,
पुराना दोस्त था क़ातिल नहीं था,

ग़ज़ब की भीड़ थी महफ़िल में लेकिन,
कोई भी रौनके महफ़िल नहीं था,

अंधेरी गार में सूरज उगाना,
शहर के वास्ते मुश्किल नहीं था,
प्रतिमा सिन्हा


किसीकी नहीं

दुनियां तो चारागर किसीकी नहीं,
मुझको परवाह पर किसीकी नहीं,
कितना अच्छा है तीरगी से रसूख,
ये चमक उम्र भर ...किसीकी नहीं...
उर्मिला माधव,
18.12.2016

आह करता है

इश्क़ ..सब को तबाह करता है,
जिसको हो जाए आह भरता है
दिल जो आपे में ही .नहीं रहता
मुस्कुराने की चाह .....करता है
उर्मिला माधव

देखभाल कर

तस्वीर इक चुनी थी बड़ी देख भाल कर,
फिर उम्र भर उसीको सजा कर रखे रहे...
इक जुस्तजू कहाँ से कहाँ ले गई फ़िज़ूल,
दुनियां की हर ख़बर को हटा कर अड़े रहे...
उर्मिला माधव

Monday, 16 December 2019

क्या मानी

हो गया कोई जुदा तो क्या मानी,
यूँ तो ....दुनियाँ भी छूट जाती है....
उर्मिला माधव...
17.12.2014..

देखा जाएगा

ठोकरों के बल पे मैंने सारी दुनियां नाप दी,
अब सुकूँ बाक़ी रहा सो वो भी देखा जाएगा..
उर्मिला माधव..
17.12.2016

Sunday, 15 December 2019

हर सम्त मैं

Mujhpe koii baadshahat kya karega,
Yun bhi paidal huun, chaloon her her sant mein

मुझपे कोई बादशाहत क्या करेगा,
यूँ भी हूँ, पैदल....चलूँ हर सम्त मैं,
उर्मिला माधव
16.12.2017

ख़राब नहीं

सिर्फ़ अपनों की बात करते हो,
दुनियां इतनी भी कुछ ख़राब नहीं..
उर्मिला माधव

Friday, 13 December 2019

समर्पण के लिए

बाध्य ही तो है हरेक प्राणी समर्पण के लिए, 
फूल रख्खे जायेंगे हाथों में...अर्पण के लिए, 
बस यही अंतिम क्रिया होती है गंगा घाट पर, 
बन्धु,बांधव सब जमा होते हैं तर्पण के लिए. 
उर्मिला माधव....

Monday, 9 December 2019

सोते रहे

हम जुदाई में तुम्हारी रात भर रोते रहे,
हम रहे बेचैन और बस तुम वहाँ सोते रहे,
आँधियाँ ग़म की यहाँ पर रात भर चलती रहीं,
और हम आँसू से अपने दाग़-ए-दिल धोते रहे ।।   उर्मिला माधव..

ख़ास थी

तस्वीर तेरी दिल में मेरे खूब ख़ास थी,
तेरे चलन से मेरी तबीयत बिखर गयी 
उर्मिला माधव...
१०.१२.२०१३.
tasveer teri dil main mere khoob khaas thi,
tere chalan se meri tabeeyat bikhar gayee...
Urmila Madhav..
10.12.2013..

क़ता--- मुस्कुराने लगे

ग़म यूँ ही दुश्मनों को बताने लगे,
ये समझने में हमको ज़माने लगे,

हाल क्या है हमारा ये पूछा मगर, 
दर्द सुन करके वो मुस्कुराने लगे,
उर्मिला माधव....
10.12.2014....

हक़ीक़त नहीं है

किसीको किसी से मुहब्बत नहीं है,
दिखावा है प्यारे हक़ीक़त नहीं है,

बिना बात ख़ुद को न हलकान करना,
किसी भी मरासिम की क़ीमत नहीं है..

हमीं मुस्कुरा कर गले पड़ रहे थे,
जहां में किसी की ये आदत नहीं है..
उर्मिला माधव,
10.12.2017

Saturday, 7 December 2019

सह्ल हूँ

मैं मुब्तिला-ए-ग़म हूँ पर ना शिकस्ता दिल हूँ,
बिस्मिल भी हूँ सही है....हर गाम पाब दिल हूँ
कोई रहनुमां नहीं है....ना ही कोई हमक़दम है,
पर दिल में है बुलंदी.....और आदतन सहल हूँ...
उर्मिला माधव...
१३.१०.२०१३
पाब दिल ----गिरफ्तार

जमा ख़र्चे

ये ज़बानी सब जमा ख़र्चे अलग हैं,
ज़िंदगी मुझको हराने पर तुली है
उर्मिला माधव
8.12.2017

एहतराम कर न सके

मेरी नज़र का कोई एहतराम कर न सके,
अजब कमाल रहा एक काम कर न सके,

वक़ार मेरी मुहब्बत का पुर कुशादह है,
कमाल तुम हो के उठके सलाम कर न सके,
उर्मिला माधव..

Friday, 6 December 2019

राहत हो

नहीं चाहा कभी मैंने ......के मेरी बादशाहत हो,
तमन्ना सिर्फ इतनी थी के मेरे दिल को राहत हो, 

Nahi chaha kabhi maine ke meri baadshahat ho,
Tamanna sirf itni thi ke mere dil ko raahat ho.. (Urmila Madhav Didi).

भेजा है

बरसरे बज़्म लो उस ने सलाम भेजा है,
ये ख़बर है ही नहीं किसके नाम भेजा है....
उर्मिला माधव...
7.12.2016

Thursday, 5 December 2019

एहतराम करती हूँ

चल.......तेरा एहतराम करती हूँ
तेरी ख़ातिर.....ये काम करतो हूँ
दिल मेरी मिलकियत है, रहने दे,
कुल जहां......तेरे नाम करती हूँ....
उर्मिला माधव...
6.12.2014....

बदल डाला है

Mujhko taqdeer ne kitna bhi badal daalaa hai,
Par mire gham ka safar fir bhi bahot aalaa hai..

मुझको तक़दीर ने कितना भी बदल डाला है,
पर मेरे ग़म का सफ़र फिर भी बहुत आला है,
उर्मिला माधव,

Wednesday, 4 December 2019

दीवार सी

हमने दीवारें चुनी हैं......ज़िन्दगी के वास्ते,
एक दिन ये ज़िन्दगी,दीवार सी हो जाएगी,

Hamne deewaren chuni hain zindagi ke waaste,
Ek din ye zindagi,deewar si ho jaegi.
उर्मिला माधव

आ रही है

मुहब्बत को मीज़ान पर क्या रखोगे ?
ज़का से लक़ा तक तुली आ रही है,
उर्मिला माधव
5.12.2017
ज़का-बुद्धि
लक़ा-सूरत
मीज़ान-तराजू

Monday, 2 December 2019

अर्पण के लिए

बाध्य ही तो है हरेक प्राणी समर्पण के लिए, 
फूल रख्खे जायेंगे हाथों में...अर्पण के लिए, 
बस यही अंतिम क्रिया होती है गंगा घाट पर, 
बन्धु,बांधव सब जमा होते हैं तर्पण के लिए. 
उर्मिला माधव....
3.12.2014...

मिटाना पड़ता है

हर इक चेहरा स्लेट से मिलता जुलता है,
लिख-लिख के हर बार मिटाना पड़ता है

Her ik chehra slate se milta-julta hai,
Likh-likh ke her baar mitaanaa pdta hai,
उर्मिला माधव

कर दिए

Jab talak thi zindagi,qabiz rahe duniyan ke log,
Maut ne aakar sabhi qisse baraabar kar diye..

जब तलक थी ज़िंदगी, क़ाबिज़ रहे दुनियां के लोग,
मौत ने आकर सभी .........हिस्से बराबर कर दिए...
उर्मिला माधव..

ख़ाब नहीं

आंखें मुंदूँ तो मुझको लगता है,
सिर्फ़ आंखें हैं, इनमें ख़ाब नहीं,
उर्मिला माधव

राबिता ही न हो

हर इक ग़ज़ल की कोई इंतेहा तो होती है,
ख़ुदा करे के तेरी कोई इन्तहा ही न हो,
ये तेरा सोज़े तरन्नुम है या कमाल कोई,
दुआ रहेगी तेरा ग़म से राबिता ही न हो...
उर्मिला माधव..
2.12.016

रोलता है

जिसको देखो आशिक़ी पर बोलता है,
काठ के डिब्बे में ..कंकड़ रोलता है,
उर्मिला माधव,
3.11.2017

Sunday, 1 December 2019

आज़माता ही रहे

कब तलक कोई किसीको आज़माता ही रहे??
मोल अपनी चाहतों का ..क्यूँ चुकाता ही रहे ??
अपनी दुनिया भूलके दिल बेवज्ह सजदे करे,
क्यूँ किसी रस्ते में कोई ..सर झुकाता ही रहे ??
उर्मिला माधव...
2.12.2016