Tuesday, 4 December 2018

ज़का

मुहब्बत को मीज़ान पर क्या रखोगे ?
ज़का से लक़ा तक तुली आ रही है,
उर्मिला माधव
5.12.2017
ज़का-बुद्धि
लक़ा-सूरत
मीज़ान-तराजू

No comments:

Post a Comment