ग़म यूँ ही दुश्मनों को बताने लगे, ये समझने में हमको ज़माने लगे,
हाल क्या है हमारा ये पूछा मगर, दर्द सुन करके वो मुस्कुराने लगे, उर्मिला माधव.... 10.12.2014....
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