ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 5 December 2018
हादसा है
ज़िन्दगी भी हर नफ़स इक हादसा है,
ये बता कितना सफ़र, बाक़ी बचा है ?
उर्मिला माधव
6.12.2017
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