ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 21 November 2025
बुलाता रहा
आह में टीस भी रही शामिल,
रात दिल का क़रार जाता रहा,
चांदनी बार-बार आती रही,
कोई रह-रह के जब बुलाता रहा,
उर्मिला माधव..
20.11.2017
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