Monday, 29 October 2018

लड़ती फिरूँ

मैं समंदर से,हवा से,किसलिए लड़ती फिरूँ
जब मुझे अहसास है तू साथ तो देगा नहीं...
उर्मिला माधव
30.10.2015

ग़ुरूर है

ज़रा ..होश में आ जाइये,
इनसान जी ..ये फितूर है,
जो तुम करो वो अना हुई ?
जो हम करें ..वो ग़ुरूर है ?
उर्मिला माधव..
28.9.2016

आवारगी

क़त्ल अपने दिल का हमने अपने हाथों कर दिया,
दिल को जब भाई नहीं,आवारगी एक शख़्स की...
उर्मिला माधव...
8.11.2016

बेख़ुदी के दायरे

बेखुदी के दायरों से कुछ निकल कर बात कर,
ज़ख्म बातों का नहीं भरता,संभल कर बात कर....
उर्मिला माधव...
9.11.2016

याद उसकी आई है

किस क़दर तनहाई है और याद उसकी आई है,
पर सलाम-ए-सुब्ह सबको ...रूह से पहुंचाई है...
उर्मिला माधव..
16.11.2016

क्या-क्या चाहिए

आसमां कहता है ? ज़र्रा चाहिए ?
और दिल से पूछ क्या-क्या चाहिए ?

मुझपे ज़ाहिर है तेरा जुगराफिया,
आईना तुझको भी देखा चाहिए..,
उर्मिला माधव,
16.11.2016

गवाही में

तग़य्युर से हूँ वाबस्ता,.....हक़ीक़त तो यही है पर,
मैं किसको साथ लाऊं अब बताओ इस गवाही में....
उर्मिला माधव..
17.11.2016
तग़य्युर... change बदलाव

Saturday, 27 October 2018

उसे रहने दो

एक मतला---

jo iztarab-e-musalsal he usey rahne do,
paanv se sar se jo ghayal hai usey rahne do,
::
जो इज़्तराब -ए-मुसलसल है उसे रहने दो,
पाँव से,सर से जो घायल है...उसे रहने दो....
#उर्मिलामाधव..
28.10.2015

Thursday, 25 October 2018

आदमी की ज़ात

जो गुलामों की तलब रखता हो, वो,
क्या करेगा ....आदमी की ज़ात का...????
उर्मिला माधव..
26.10.2016

गुलाब देदेंगे

चाँद तारों के ख़्वाब देदेंगे...........जितने चाहो गुलाब देदेंगे,
इतनी गफ़लत में बस नहीं रहना,उम्र भर का हिसाब देदेंगे
उर्मिला माधव
Twitter

Wednesday, 24 October 2018

हुज्जूम था

सभी बेशकीमती दोस्तों के प्यार की बहुत ममनून हूँ ,
माज़रत चाहती हूँ---फ़र्दन-फ़र्दन शुक्रिया अदा नहीं कर पा रही हूँ...
इनबॉक्स में विश करने वाले सभी दोस्तों का बहुत शुक्रिया...
<3 <3 <3

जिस समय पैदा हुए ......हम को कहाँ मालूम था,
बेश क़ीमत प्यार से दिल किस क़दर महरूम था,
प्यारे-प्यारे दोस्तों के ......प्यार से काफ़ूर है अब,
रंज-ओ-ग़म का साथ मेरे ..वो जो एक हुज्जूम था.....
::::::
jis samay paida hue,hamko kahan maloom tha,
Besh qimat pyar se dil kis qadar mahroom tha,
Pyare-pyare doston ke....... pyar se kafoor hai,
Ranj-o-gham ka sath mere wo jo ik hujjoom tha...
Urmila Madhav....
25.10.2015

छंद

ज़िन्दगी अपनी बहुत वीरान है,
दर्द से लिख्खा गया दीवान है,
रोज़ लिखते और मिटाते हैं इसे,
ग़ैर को हम कब दिखाते हैं इसे,
उर्मिला माधव

Tuesday, 23 October 2018

लड़ा करते हैं हम

आशिक़ी की शक़्ल में ....दुश्मन खड़ा करते हैं हम,
ख़ुद को छोटा करके उसका क़द बड़ा करते हैं हम,
जिसकी चाहत में मुक़ाबिल ...रंजो ग़म का बोझ हो,
सारी दुनियां भूल कर,....ख़ुद से लड़ा करते हैं हम..
उर्मिला माधव,
24.10.2017

मुस्तक़बिल

चलते रहते हैं ज़िन्दा दिल,चाहे जितनी हो मुश्किल,
कितनी दूरी तय करनी है,ज़ाहिर तो हो मुस्तक़बिल,
उर्मिला माधव...
मुस्तक़बिल--- भविष्य

हैरत से

चेहरे को हाथों पर रख कर देखा उसको हैरत से,
कैसे उसने दिल को तोड़ा और भट्टी में झोंक दिया,
उर्मिला माधव

Monday, 22 October 2018

दरकिनार करके

तंग आ चुके हैं,हम भी अब इंतज़ार करके,
मिलने को आ गए हैं सब दरकिनार करके,

Tang aa chuke thain ham bhi ab intzaar karke,
milne ko aa gaye hain,......sab darkinaar karke,

उर्मिला माधव...
23.10.2016

Sunday, 21 October 2018

और क्या होगा

अभी पहली ही दुनियां में ..क़दम रखना नहीं आया
तो फिर अब दूसरी दुनियां बना कर और क्या होगा ?

Abhi pahli hii duniyan me qadam rakhna nahin aayaa,
To phir ab dusri duniyan banaa kar or kya hoga ?

Urmila Madhav

Saturday, 20 October 2018

ढोया किये

दिल ने एक दिन बाख़ुदा ईमान तौला आपका,
उम्र भर ..अफ़सुर्दगी का बार हम ढोया किये..
उर्मिला माधव...
::::
dil ne ek din bakhudaa ....iiman taula aapka,
Umr bhar afsurdagi ka baar ham dhoya kiye,....
Urmila Madhav
21.10.2017

शनासाई न थी

एक तो गहरी .........शनासाई न थी,
जो भी थी वो हमने  दिखलाई न थी,
हमने अपने दायरे ........कायम रखे,
हां मगर .......मंशा ये बतलाई न थी...
उर्मिला माधव
21.10.2017

Friday, 19 October 2018

कर दिया रब ने

hamko khamosh kar diya rab ne ,
dil k daman ko bhar diya rab ne,
ab wo aansu the ya ki chhale the,
jo bhi ho kuchh nazar kiya rab ne,
Urmila Madhav...

इंतिहा कहाँ होगी

ज़ब्त की इंतेहा .....कहाँ होगी ?
हमने मरते हुए भी आह न की..
उर्मिला माधव
20.10.2017

नहीं देखा

उसने मुंह मोड़ कर नहीं देखा,
जब तलक हमने मुंह न फेर लिया...

Usne munh mod kar nahin dekha,
Jb talak hamne munh na pher liya
उर्मिला माधव

Wednesday, 17 October 2018

मुश्किल हो गया

अमृता प्रीतम,हज़ारों और कुछ परवीन शाकिर,
इक सह्ल किरदार मिलना ख़ास मुश्किल होगया
उर्मिला माधव

घबराया हुआ दिल

रब से लड़ना चाहता है,कबसे घबराया हुआ दिल,
ख़ुद में रहना चाहता है सबसे घबराया हुआ दिल
उर्मिला माधव
18.10.2017

इशारा

हजारों लफ्ज़ से बढ़कर इशारा दिल का होता है,
यही वो रंग है के जो दिल-ए-बिस्मिल का होता है...

Hazaron lafz se badhkar ishara dil ka hota hai,
Yahi wo rang hai ke jo dil-e-bismil ka hota hai ..

उर्मिला माधव...

Tuesday, 16 October 2018

पत्थर हूं मैं

सबने ये समझा के एक पत्थर हूँ मैं,
चूंकि  देखा ही नहीं रोते हुए...
उर्मिला माधव....
17.10.2017...

क्या ज़रूरत थी

इन फ़रेबों की .........क्या ज़रूरत थी,
जो भी करना था यूँ ही कर लिया होता
उर्मिला माधव
16.10.2015

बोसा

शर्म-ओ-हया के नाम पे,आंखों को ढक लिया,
बोसे की ख़्वाहिशों में मगर ......लब खुले रहे..

Sharm-o-haya ke naam pe aankhon ko dhak liya,
Bose ki khwahishon me magar lab khule rahe..
उर्मिला माधव..
16.10.2017

Saturday, 13 October 2018

महबूब है

मैंने कब तुझसे कहा के ......तू मेरा महबूब है
सिर्फ़ इतना ही कहा ........तू देखने में ख़ूब है
जिसने सारी ज़िन्दगी. ...वीरानियों में काट दी
तू नहीं समझेगा उसका दिल महज़ मज्जूब है
#उर्मिलामाधव
14.10.2017

Thursday, 11 October 2018

हो नहीं सकती

ज़मीं की भी तलहटी इतनी नीची हो नहीं सकती,
फ़क़त इंसान की ग़ैरत ही मुंह के बल भी गिरती है....
----------------------------------------------------
zamiin kii bhii talahtii itnii neechii ho nahiin saktii,
faqat insaan kii gairat hii munh ke bal bhii girtii hai..
#उर्मिलामाधव...
2.10.2015

हस्सास होती है बहुत

शायराना शख़्सियत, ....हस्सास होती है बहुत,
उसकी सारी ज़िंदगी ही .....ख़ास होती है बहुत,
ये शरफ़ हासिल है उसको,ग़म कहे अल्फ़ाज़ में
जो भी है तक़लीफ़ दिल के पास होती है बहुत…
उर्मिला माधव
11.10.2018

Wednesday, 10 October 2018

कश्ती उतारी होती

चढ़ते तूफ़ाँ में कभी ......क़श्ती उतारी होती,
ख़ूब तबियत से वहीं ......शाम गुज़ारी होती,
जो कहीं हद से गुज़र जाता अगर जोशे जुनूँ,
हम फ़ना होते मगर .......बात तुम्हारी होती..

chadhte toofaan main kabhii qashtii utaarii hotii,
khoob tabiyat se wahin ......shaam guzaari hotii,
jo kahiin had se guzar jaataa agar joshe junoon,
ham fanaa hote magar .......baat tumhaarii hotii
Urmila Madhav
उर्मिला माधव....
11.10.2016

किरदार है अब

लम्स के रिश्तों का ..कारोबार है अब,
इल्म का कमज़ोर सा किरदार है अब,

Lams ke rishton ka karobaar hai ab,
Ilm ka ......kamzor saa kirdar hai ab,
Urmila Madhav

Tuesday, 9 October 2018

उड़ते हुए देखा

ज़माने को समझने में हमें क्या देर लगनी थी,
जब हमने सादगी की ख़ाक को उड़ते हुए देखा..
उर्मिला माधव
10.10.2018

ख़ुशबू नहीं आती

एक शेर--उन्वान
ख़ुशबू..

वो जो ख़त तुमने भेजे थे कभी ख़ुश्बू से तर करके,
किसी भी ढंग से खोलूं,......मगर ख़ुश्बू नहीं आती..
::
Wo jo khat tumne bheje the kabhi khushbu se tar karke,
Kisi bhi dhang se kholun,magar khushbuu nahin aatii...
#उर्मिलामाधव
10.10.2015..

रहती है

मेरे सर पे सवार रहती है,
बेख़ुदी बेशुमार रहती है,

तीरगी तेरा अदा तेरी रमज़,
जिस्म के आर-पार रहती है,
उर्मिला माधव

लत है

बस उसको याद करना,ये रोज़ की सी लत है,
कोशिश हज़ार कर लें, क्या लत भी छूटती है ??
उर्मिला माधव
9.10.2018..

नुमायां हो गया

आपने अपनी हदों से गिरके जो कुछ कर दिया,
आपका ज़ह्र-ए-जेह्न खुल कर नुमायां हो गया..
उर्मिला माधव

इतरा गया

सबसे पहली बात..........तूने आसमां देखा नहीं,
अपने क़द पे खुद-ब-खुद ही बे-सबब इतरा गया...
उर्मिला माधव...
10.10.2014..

Monday, 8 October 2018

देता रहा।

हर कोई एक दूसरे को ..........लानतें देता रहा,
और वतन की शान में ....कुछ गुरबतें बोता रहा,
उसकी बकरी मेरी घोड़ी,मेरी ज़्यादा,तेरी थोड़ी,
अपनी ग़ैरत से भी नीचे,गिर गया......रोता रहा...
उर्मिला माधव...
9.10.2015

टीप लेते हैं

😕😕😕😕😕😕😳

चोरों से .......दोस्ती नहीं करना,
सारे अशआर ........टीप लेते हैं,
एक भी लफ़्ज़ लिख नहीं सकते,
उस पे .महफ़िल में चीख लेते हैं
उर्मिला माधव

Sunday, 7 October 2018

हिफ़ाज़त की

मैंने तो उम्र भर ....इबादत की,
उसने तौहीन की ..मुहब्बत की
ये जो अन्दर .तड़प सी रहती है,
बस उसी दर्द की हिफाज़त की....
----------------------------------
maine to umr bhar ibaadat kii,
usne tauhiin kii muhabbat kii,
ye jo andar tadap sii rahti hai,
bas ....usii dard kii hifazat kii....
#उर्मिलामाधव...
8.10.2015

शामिल नहीं

हमने जो कुछ भी लिखा है इक तख्खईयुल है महज़
इसमें हरगिज़ शख्सियत कोई ...दूसरी शामिल नहीं...
::::::::::::::::::::::::::::::::::
hamne jo kuchh bhii likha hai ik takhkhaiul hai mahaz,
ismen hargiz shakhsiyat ..........koi dusrii shamil nahin....
उर्मिला माधव...
8.10.2016

Saturday, 6 October 2018

मआनी है

सारा दारोमदार है तुम पर
ये समझना तो बे-मआनी है

तुम समझते हो हम ही नादाँ है?
दिल तजुर्बों की राजधानी है
उर्मिला माधव

दस्तार में

Jitne zyadah pech rakhkhoge miyaaN dastar me,
Utna zyadah talkh lahja aayega,guftar me

जितने ज़्यादः पेच रख्खोगे मियां दस्तार में,
उतना ज़्यादः तल्ख़ लहजा आएगा,गुफ़्तार में

Urmila Madhav.

नहीं कहते

वैसे तो सिर्फ़ झूठ कहते हो,
सच भी सौ फ़ीसदी नहीं कहते
उर्मिला माधव

Friday, 5 October 2018

संभल जाए

दिले नादान से कह दो कि ये संभल जाए,
इससे पहले कि ये दस्तार भी उछल जाए,
::
Dile nadan se kahdo ki ye sanbhal jaaye
Sare bazaar na dastaar bhi uchhal jaaye...
Urmila Madhav..
6.10.2013

है ही नहीं

इक है दोपहर बिन परिंदों की,
इसमें आवाज़ कोई है ही नहीं,
ऐसी दुनियां में अब रिहाइश है,
जिसका अंदाज़ कोई है ही नही,
उर्मिला माधव

सुहानी है

किससे,कितनी,कहाँ निभानी है,
फ़िक़्र क्या,ज़ीस्त आनी-जानी है,
ये तो रिश्ते हैं, ...ग़म गुसारी के,
इसमें दुनियां ...कहाँ सुहानी है?
उर्मिला माधव
6.10.2015

कोई भी हो

फ़त्ह की बुनियाद है.....बस मौत ही
ज़ात, मज़हब और वतन कोई भी हो....
::::::
fath kii buniyad hai bas maut hii
Zaat,mazhab or vatan koii.bhii ho...
उर्मिला माधव...
6.10.2016..

नींद सी आने लगी

लगता है माहौल बिगड़ा जा रहा है
क्योंकि अब कुछ नींद सी आने लगी
उर्मिला माधव,
6.10.2017

Thursday, 4 October 2018

तक़दीर दे डोगे ..

अगर तुम आ ही जाओगे तो क्या जागीर देदोगे ?
बहुत होगा तो ये होगा,......कोई तहरीर दे दोगे
अगर बरसात सब लिख्खी हुई तहरीर धो दे तो ?
सुनहरे लफ़्ज़ में लिख कर,मुझे तक़दीर दे दोगे ?
:::::::
Agar tum aa hii jaaoge to kya jageer dedoge?
Bahut hoga to ye hoga koi tehreer dedoge,
Agar barsat sab likhkhi hui tehreer dho de to,?
Sunhare lafz men likhkar mujhe taqdeer dedoge ?
उर्मिला माधव...
5.10.2016

छुड़ाना है

मौत से जान को छुड़ाना है,
फिर भी एक बार मुंह लगाना है,
उर्मिला माधव,
5.10.2017

आज़माते हैं

ज़िन्दगी कब तलक मुअय्यन है,
लोग ....रह-रह के आज़माते हैं,

जिसकी बुनियाद ही नहीं कुछ भी,
उस पे सब ......अटकलें लगाते हैं,

Zindagi kab talak muayyan hai,
Log rah-rah ke aazmate hain,

Jiski buniyad hi nahin kuchh bhi
Us pe sab atkalen lagaate hain,

Urmila Madhav
5.10.2017

Wednesday, 3 October 2018

ज़रूरी भी नहीं

उम्र भर का साथ हो, इतना ज़रूरी भी नहीं,
ज़िंदगी दरअस्ल तनहा ही भली लगती है अब...
::
umr bhar ka sath ho itnaa zaruurii bhii nahin,
zindagi darasl ......tanha hii bhalii lagtii hai ab....
उर्मिला माधव...
4.10.2015

बे-कौल-ओ-कसम भी

दुश्मन भी समझते है कहते हैं सनम भी,
हम लोग वफादार हैं बे-कौल-ओ-कसम भी..
#उर्मिलामाधव...
4.10.2015

मेरी राह पे न चलना

Inspired...

मेरा दर्द पढ़ने वाले..... मेरी राह पे न चलना,
ये हक़ीक़तें समझना, मेरे आबले भी गिनना,
उर्मिला माधव
2.10.2018
आबले--- छाले