मुहब्बत में मुझे हर हाल में मजबूर होना है, ये जब तक ह तभी तक इश्क़ में मख़मूर होना है, अगर इस घर से जब जइयो,तो दिल को तोड़ता जइयो, क्यूँ फिर बाकी बचें शीशे इन्हें भी चूर होना है ।। उर्मिला माधव.....
No comments:
Post a Comment