मैं वही हूँ जो नहीं होना था मुझको, ज़िन्दगी हूँ,इक यही रोना था मुझको,
लाद के करती भी क्या बार-ए-मुहब्बत, ज़ख़्म ही तो उम्र भर धोना था मुझको,
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