Thursday, 29 January 2026

अदा दिखलाओगे

वक़्त को तुम क्या अदा दिखलाओगे?
हम न कहते थे???बहुत पछताओगे...

आख़िरश कब तक रहेगा रंग-ओ-बू,
एक दिन तो .....सादगी पर आओगे....
#उर्मिला
30.1.2015...

खोले ही कहां

मैंने कुछ औराक खोले ही कहाँ,
इतने सारे सच थे,बोले ही कहाँ,
मुस्कुरा कर आँख ने देखा बहुत,
सच कहूं जज़्बात,तोले ही कहाँ,
उर्मिला माधव....
30.1.2017

परेशान कर दिया

दुनिया की हरक़तों ने .......परेशान कर दिया, 
अपनी तरफ से हमको ....बियाबान कर दिया, 
हिन्दू कहा हमें ........तो कभी और कुछ कहा, 
जब दिल हुआ तो हमको मुसलमान कर दिया...
#urmila
30.1.2015

जिस्म सारा

जिस्म सारा जल गया तो रूह ऊपर आ गई,
Jism sara jal gaya to rooh bahar aa gaii..

खो दिया

अच्छे बुरे हों जैसे भी हम अपने साथ हैं,
प आपने तो ऐसे बुरों को भी खो दिया
उर्मिला माधव
30.1.2018

सबको

सबको मुहब्बतों से नवाज़ा किये हैं हम,
अब सोचते हैं , सबसे कहीं दूर जा बसें
उर्मिला माधव 
30.1.2019

Wednesday, 28 January 2026

हमको क़िस्तों में मिले

हमको क़िस्तों में मिले हैं ग़म बहुत,
ख़ास रिश्तों में भी निकले ख़म बहुत,
ग़म शनासी से .........बहुत हारे हुए,
हर फ़रिश्ते ने किया ...बरहम बहुत...
उर्मिला माधव

Sunday, 25 January 2026

शेर ओ सुखान

शेर-ओ-सुखन का रंग भी कितना अजीब है,
रहते हैं सब ज़मीं पै मगर आसमां लिखें,
दिल रंजगर ऑ आँख में आंसू भी ख़ूब हैं,
जलती हुई क़लम से मगर शादमां लिखें.....
उर्मिला माधव...
शादमा / ख़ुश

Saturday, 24 January 2026

मजरूह दिल

दो शेर
वो भी मजरूह दिल छुपाया किये,
हम भी पहुंचे नहीं दवा होकर,

पिछली गलियों को हमने छोड़ दिया,
गर चे गुज़रे भी तो हवा हो कर..
उर्मिला माधव,
9.9.2017

कौन पूछे

कौन पूछे किसीका हाल यहां,
सब तो अपनी दुहाई देते हैं,
खुलती है,जब भी आंख मुश्किल से
तंज़ गहरे सुनाई देते हैं...
उर्मिला माधव,
19.9.2017

banke जो तस्वीर थी

Ban ke jo taiyyar thi, tasveer paani me gaii,
Ek kahaani khoob thii jo, lan taraanii me gaii..

बन के जो तैयार थी तस्वीर, पानी में गई,
इक कहानी ख़ूब थी,जो लनतरानी में गई...
उर्मिला माधव
8.4.2018

Saturday, 17 January 2026

हम तो कितनी बार गए हैं

हम तो कितनी बार गए हैं, उसके घर के दरवाज़े तक,
वो ही कभी न आया फिर के अपने किये हुए वादे तक..

दर्द में पिन्हा होकर भी बस खामोशी से देखा सब कुछ,
ख़ुद को हमने क़सम दिलाई, नहीं टूटना ग़म साधे तक..
उर्मिला माधव

ज़िंदगी तू खेल मत कर

ज़िंदगी तू खेल मत कर अब नहीं आने के हम,
तुझको तो मालूम होगा कब नहीं आने के हम,

हैं जहां के दरम्यां ही बस मगर बिलकुल अलग,
चोट लग जाती है दिल पे तब नहीं आने के हम,
उर्मिला माधव

Friday, 16 January 2026

आँख पे परदा नहीं

आँख पे पर्दा नहीं रख्खा गया बस,
रात भर रोया किये हम सोच कर ....
उर्मिला माधव...
17.1.2014...

Wednesday, 14 January 2026

तमाम रात

बाँहों में उनकी आये तो आँखों में खो गए,
शाने पे सर को रख के..बिताई तमाम रात...

फिर होश ही किसे था,कहाँ रात कट गई,
उनकी जुदाई उनको.....सुनाई,तमाम रात,
उर्मिला माधव..

अपनी ज़ाती ज़िंदगी

अपनी ज़ाती ज़िन्दगी में,बाख़ुदा कोई नहीं,
जो भी कुछ थे आप थे बस,दूसरा कोई नहीं,

कितने लम्बे रास्ते तनहा किये तय उम्र भर,
सबका इस्तक़बाल था प नाख़ुदा कोई नहीं,

सब अकेले ही उठाते अपनी वीरानी का बार,
दह्र का ये ही चलन है,बांटता कोई नहीं,

रोज़-ए-महशर सामने है और खड़े हैं रु-ब-रु,
इसकी मंजिल इन्तेहा है इब्तेदा कोई नहीं,

आह भी याहू की जौलानी सी लगती है मुझे,
इसलिए अब उससे बढ़कर या ख़ुदा कोई नहीं,
उर्मिला माधव

Tuesday, 13 January 2026

दस्ताने

मैंने दस्ताने कभी पहने बहुत हैं,
और जो बाक़ी हैं वो गहने बहुत हैं,
मुस्कुरा कर सब उठा कर रख दिए,
जब ये समझा अब तो ग़म सहने बहुत हैं....
उर्मिला माधव...

परदा है

परदा है झीना सा लेकिन परदा है,
इसके पीछे सब कुछ है, जो गुज़रा है,

किस शिद्दत से दुनिया हमको तोड़ गई,
क्या दुनिया में ज़हन ओ दिल भी बिकता है,
उर्मिला माधव

Thursday, 1 January 2026

दुनिया देखी है

पैरों पे चल कर ही दुनियां देखी है,
इक-इक ईंट गिनी है हमने राहों की,

चलते चलते मंज़िल भी आ जाती है,
चाहत फ़िर क्यूं होगी हमें पनाहों की,
उर्मिला माधव