ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 12 June 2025
शख्सियत कुछ खास अपनी
शख़्सियत कुछ ख़ास अपनी है ज़रूर,वर्ना ये किस्से कहानी किसलिए??
खोजना लाज़िम है हम में हर कुसूर,वर्ना अपनी जिंदगानी किसलिए??
हो गया अब कब तलक बल खाओगे,ऐंठ कर मरना ज़रूरी है ही क्यूँ??
आप भी कुछ हादसे देखो ज़रूर,इतनी ज्यादा खींचा तानी किसलिए??
उर्मिला माधव
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