ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 8 June 2025
हटाओ चिलमन
हटाओ चिलमन इधर तो आओ मिलाओ नज़रें कि हम खड़े हैं,
अगर मुहब्बत है तुमको हमसे,तो तुम बड़े हो कि हम बड़े हैं??
क्या ये सही है दरूँ तआल्लुक़ ये सिलसिला भी दर पेश आए??
कि हर जमाल-ओ-अना से लड़के तुम्हारी दहलीज़ पै हम चढ़े हैं..
उर्मिला माधव
9.6.2013
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