ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 4 July 2025
रंज कैसा होता है
मैं साज़िशों के अंधेरे में राह चलती हूं,
तुम्हें ख़बर ही नहीं, रंज कैसा होता है..
उर्मिला माधव
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