Tuesday, 9 September 2025

हम तेरे हिज्र से नहीं डरते

हम तेरे हिज्र से नहीं डरते,
यूँ भी डरते तो क्या नहीं मरते?

तुझ पे आहों का ही हवाला है,
हमतो इक ज़िक्र भी नहीं करते,

दिल कभी टूट कर नहीं रोया
वरना क्या आह भी नहीं भरते?

~उर्मिला माधव

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