ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 16 October 2024
हमारे दिल जिगर में
हमारे दिल जिगर में भी हज़ारों दर्द पलते हैं,
समझ लो वज़्न ये सारे हमारे साथ चलते हैं...
उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment