ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 16 October 2024
रहना पड़ता है
टूटे फूटे पैरों से भी चलते रहना पड़ता है,
सूरज की मानिंद हमेशा ढलते रहना पड़ता है,
ख़ाब हमेशा टंगे रहे हों जब घर की दीवारों पर,
ताली वाले हाथों को भी मलते रहना पड़ता है,
उर्मिला माधव
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