ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 19 October 2024
मिल गए ग़ालिब हज़ारों
मिल गए ग़ालिब हज़ारों, और कुछ अहमद फ़राज़,
इक सह्ल किरदार मिलना, ख़ास मुश्किल हो गया...
उर्मिला माधव
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