ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 21 April 2016
क्या हसीं गुलशन यहाँ है फूल इसमें कम नही,
छोड़के उड़ जायेंगे,इस बात का कोई ग़म नहीं।....
Urmila Madhav
22.4.2013
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