ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 26 August 2016
दर-ओ-दीवार में ख़ुद खोखले पथ्थर लगाते हैं,
हवा पर थोप कर इल्ज़ाम,अपना सर बचाते हैं....
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उर्मिलामाधव
...
13.6.2015...
1 comment:
डॉ. हीरालाल प्रजापति
5 September 2016 at 03:41
बहुत ख़ूब । तीखी और पैनी मार ।
www.kavitavishv.com
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बहुत ख़ूब । तीखी और पैनी मार ।
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