ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 20 May 2024
शादमा
ग़म से भरी थी ज़िंदगी पर हँसके काट दी,
लोगों को ये लगा कि बहुत शादमा थे हम..
#उर्मिलामाधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment