ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 30 April 2020
दैर ओ हरम
जब जहाँ तबियत हुई सजदा किया हमने वहीँ,
कौन इतना फ़र्क़ करता, घर है या दैर-ओ-हरम,
उर्मिला माधव
30.4.2018
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