ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 22 April 2020
क़ायम मेरी
हैं अजल तक कोशिशें,क़ायम मेरी,
ज़िंदगी समझें न वो दायम मेरी,
उर्मिला माधव...
22.4.2015
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