ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 31 March 2025
ज़रूरी तो नहीं
आप हर इक ज़िन्दगी की नातवानी देखिए,
अब न तहरीरें ज़रूरी, मुंहजबानी देखिए,
उर्मिला माधव
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