Sunday, 30 March 2025

शेर

तूफां हैं, बवंडर हैं, शिकस्तें भी बहुत हैं 
तू देख के बतला कि भला क्या नहीं मुझमें 
तू देख ले दुनिया कि भला क्या नहीं मुझमें

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