ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 17 April 2024
काम फिर कभी
वो सोच ही रहा था कोई ज़ुल्म फिर करूँ,
मैंने उसे बताया नहीं काम फिर कभी..
उर्मिला माधव
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