ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 8 April 2024
जिस तक पहुंच नहीं है
जिस तक पहुंच नहीं है,वही बादशा हुआ,
वरना ज़मीं के लोग तो हम से ही हैं हुज़ूर..
उर्मिला माधव...
9.4.2017
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