ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 12 February 2024
वालिद ए हसनैन
देख लीजै हम कहाँ बेचैन हैं,
अपनी ज़ाती ज़िंदगी पर ऐन हैं,
जो भी कहना है, कहेंगे उम्र भर,
मानो हक़ पर वालिद ए हसनैन हैं..
क्या हुआ जो आपके सक़लैन हैं...
उर्मिला माधव
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