ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 11 November 2021
agar koii maslhat
अगर कोई मस्लहत पेश-ए-जहाँ होती तो क्या होता,
ये मेरी ज़िन्दगी तुझमें निहां होती तो क्या होता ,
उर्मिला माधव...
12.11.2014...
khud ko dekha
ख़ुद को देखा, ख़ुद को सोचा और ख़ुद से बात की,
क़द्र फिर क्या ख़ाक होगी,ग़ैर के जज़्बात की,
उर्मिला माधव,
12.11.2017
Monday, 8 November 2021
baat kar
बेखुदी के दायरों से कुछ निकल कर बात कर,
ज़ख्म बातों का नहीं भरता,संभल कर बात कर....
उर्मिला माधव...
8.11.2015
aawargi ik shakhs kii
क़त्ल अपने दिल का हमने अपने हाथों कर दिया,
दिल को जब भाई नहीं,आवारगी एक शख़्स की...
उर्मिला माधव...
8.11.2016
Tuesday, 2 November 2021
tahreer ka hum
क्यूँ करें शिकवा तेरी तहरीर का हम,
जानते हैं फैसला.....तकदीर का हम,
सांप हमने पाल के...रख्खे है घर में,
जानते हैं हौसला....हर तीर का हम ....
उर्मिला माधव
९.९.२०१३
itna Jo dil dukhaaenge
एक मतला एक शेर----
आप इतना जो दिल दुखायेंगे
हम भला किस लिए निभायेंगे,
राह उलटी तरफ भी चलती है,
उलटे पैरों ही लौट आयेंगे,
#उर्मिलामाधव..
2.11.2015
लाजवाब
हम जहां भर में रहे हैं लाजवाब,
झूठ से लड़ना हमें आता कहाँ है?
उर्मिला माधव
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