ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 9 May 2020
दहर में
जिनकी कोई ताब ला सकता नहीं,
ऐसी कुछ वीरानियाँ हैं दह्र में,
ग़मज़दा दिल उसमें जब हो मुब्तिला,
मुझको सब आसानियां हैं दह्र में..
उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment