Saturday, 9 May 2020

ज़िन्दगी है ये

ख़ुद को रखना होश में के ज़िन्दगी है ये,
क्यूं मिज़ाज-ए-इश्क़ रख्खें ख़ुदकुशी है ये..
उर्मिला माधव..
9.5.2017

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