एक मतला एक शेर-------
मैं ज़माने से हूँ ज़रा ऊपर,और ज़माना है मुझसे कुछ ऊपर,
इसके आगे दहाने मक़तल है,उठके जाना है,ख़ुद से कुछ ऊपर.
मैं ज़माने से हूँ ज़रा ऊपर,और ज़माना है मुझसे कुछ ऊपर,
इसके आगे दहाने मक़तल है,उठके जाना है,ख़ुद से कुछ ऊपर.
न न दुनियां पसंद है ही नहीं इस में कहने को कुछ नहीं बाक़ी,
दह्र जायेगा आसमानों तक मुझको जाना है उससे कुछ ऊपर
उर्मिला माधव...
11.9.2016
दह्र जायेगा आसमानों तक मुझको जाना है उससे कुछ ऊपर
उर्मिला माधव...
11.9.2016
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