ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 22 February 2025
मुब्तिला हो जाएगा
हर कोई बस एक ग़म में मुब्तिला हो जाएगा,
ख़ूबियों में खामियों का सिलसिला हो जाएगा,
आपकी झूटी अदाएं, कुछ नहीं कर पाएंगी,
बेसबब ही जिंदगी से इक गिला हो जाएगा
उर्मिला माधव
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