Sunday, 29 September 2024

दुख्तर ए जज़्बात हूँ

बेटियों की खातिर....

दुख्तर-ए-जज़्बात हूँ कुछ उन्सियत रख्खो ज़रा,
वरना इस दुनियां के सारे.....रास्ते मिट जायेंगे.....
उर्मिला माधव....
29.9.2014....

दुख्तर---- बेटी 
जज़्बात---भावनाएं 
उन्सियत---हमदर्दी

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