ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 4 June 2024
जारी हुआ
दिल की जानिब से सितम जारी हुआ,
आपसे मिलना बहुत भारी हुआ,
यूँ भी तो मुश्किल थी अपनी ज़िंदगी,
फ़िर इज़ाफ़ी रंज क्यूं तारी हुआ,
उर्मिला माधव
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