ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 18 August 2023
धड़कनें चीखीं
हम हुए ख़ामोश तो फिर धड़कनें चीखीं बहुत,
हम कलेजा थाम कर, कब तक खड़े रहते वहां..
उर्मिला माधव
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