ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 16 September 2022
बरसात
हमारे शह्र में बरसात काफ़ी हो रही है,
किसीकी याद में वादे सबा ही रो रही है
यहीं मेरा नशेमन है, यहीं बिजली गिरी है
यही ताज़ा ख़बर है, जो रही है सो रही है
उर्मिला माधव
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