ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 22 August 2022
दिल मिरा रोज़
दिल मिरा रोज़ तुझे छू के गुज़र जाता था,
फिर भी कमज़ोर मुझे कोई अदा कर न सकी
उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment