आओ बे वक़्त ही मरने का इरादा करलें,
सोचते हैं के यहीं उम्र को आधा करलें,
सोचते हैं के यहीं उम्र को आधा करलें,
तुमने जो हाथ बढ़ाया है यहीं रुक जाओ,
फिर न बिछड़ेंगे कभी आज ये वादा करलें,
उर्मिला माधव,
12 .8 .2017
फिर न बिछड़ेंगे कभी आज ये वादा करलें,
उर्मिला माधव,
12 .8 .2017
No comments:
Post a Comment