ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 31 March 2025
एकतरफ़ा प्यार
एकतरफ़ा प्यार का करते भी क्या,
बे-वफ़ा के नाम पे ...मरते भी क्या?
हम ..जमा ख़ाते में रख्खे थे अबस,
मुफ़्त झूठी आह तब भरते भी क्या..
उर्मिला माधव..
ज़रूरी तो नहीं
आप हर इक ज़िन्दगी की नातवानी देखिए,
अब न तहरीरें ज़रूरी, मुंहजबानी देखिए,
उर्मिला माधव
Sunday, 30 March 2025
शेर
तूफां हैं, बवंडर हैं, शिकस्तें भी बहुत हैं
तू देख के बतला कि भला क्या नहीं मुझमें
तू देख ले दुनिया कि भला क्या नहीं मुझमें
Saturday, 8 March 2025
खामोशियां
Usko ye maloom tha, jana nahin hai kis jagah,
Ab dhueN ka zor hai o her taraf khamoshiyaN..
Urmila Madhav,
9.3.2018
उसको ये मालूम था, जाना नहीं है किस जगह,
अब धुंए का ज़ोर है ऑ हर तरफ़ खामोशियां..
उर्मिला माधव
Sunday, 2 March 2025
सीखने की कोशिशें
सीखने की कोशिशें हम कर रहे हैं
दिल ग़मों में मुस्कुरा कर चल सके
उर्मिला माधव
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